क्राईम ब्रान्च पुलिस द्वारा वाहन चोरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए लग्जरी चार पहिया वाहनों को चोरी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
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3 चोरी के चार पहिया वाहन सहित 4शातिर अभियुक्त गिरफ्तार,चोरी मे प्रयोग किये जाने वाले ईलैक्ट्रोनिक उपकरणों सहित अन्य सामग्री बरामद
रिपोर्ट विकास कुमार
गाजियाबाद :- क्राईम ब्रॉन्च पुलिस कमिश्नरेट के द्वारा एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने व बेचने वाले अन्तर्राज्यीय वाहन चोरो के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 अभियुक्तो कोथाना इन्दिरापुरम क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, उनके कब्जे से 2ब्रेजा गाडी, 1किआ सेल्टोस गाडी व भारी मात्रा मे चोरी करने के उपकरण बरामद हुए। पूछताछ का विवरण- पूछताछ पर अभियुक्त नूर मौहम्मद ने बताया कि मैं 8वीं फेल हूँ व जाति से बढई हूँ। मैं लकडी का फर्नीचर बनाने का काम करता था जिसमे मेहनत ज्यादा थी आमदनी कम थी जिससे मेरा व मेरे घर का खर्चा नही चल पाता था। मै अपने साथी मे सम्पर्क मे आया और गाडी चोरी करने लगा। अभियुक्त हाकिम ने बताया कि मै अनपढ हूँ और घर पर भैंसो का दूध बेचने का काम करता था लेकिन दूध बेचकर आये पैसो मे से मुझे घर से खर्चे के लिए पर्याप्त पैसा नही मिलता था, मैंने टैब व अन्य इलैक्ट्रोनिक उपकरणो की सहायता से गाडी चोरी करना सीख लिया। अभियुक्त शाकिर ने पूछताछ पर बताया कि मै छठीं फेल हूँ पहले मै सुन्दर नगरी दिल्ली मे प्लास्टिक के कबाड का काम करता था काफी समय से मै हाकिम से चोरी की गाडी लेकर मोहसीन उर्फ सोनू को बेचता हूँ। मोहसीन उर्फ सोनू ने पूछताछ पर बताया कि मै सातवीं पढा हुआ हूँ पहले मैंने 7-8 वर्षो तक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान मेरठ मे किया पर फायदा न होने के कारण मैं जैद जो मेरठ का ही है के साथ वाहन चोरी करने लगा और जेल चला गया उसके बाद मैदिल्ली आ गया और टैक्सी चलाने लगा लेकिन कम आमदनी होने के कारण अपना व घर का खर्चा नही चला पाता था, कुछ समय पहले फिर मेरा सम्पर्क शाकिर से हुआ था जिससे मै चोरी की गाडी लेकर आगे सप्लाई करने लगाजिसमें काफी मुनाफा होने लगा। मुनाफे के पैसो से अपने शौक पूरे करता हूँ तथा घर का खर्च चलाता हूँ। विस्तृत पूछताछ पर अभियुक्त नूर मौहम्मद ने बताया कि मेरा व हाकिम, मौहसीन उर्फ सोनू, शाकिर, ईस्माईल, सुनील काला, चाँद मौहम्मद उर्फ चाँदल का एक संगठित गिरोह है जो दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी गाडियों कोमांग के अनुसार चोरी कर एक-दूसरे के माध्यम से आगे बेचने का काम करते है। गाडी की डिमाण्ड मोहसीन उर्फ सोनू, शाकिर, सुनील काला व चाँदल हमे बताते है फिर मैं, हाकिम व ईस्माईल डिमाण्ड वाली गाडी को चोरी करने के लिए रात्रि के समय गाडी से ही रैकी करते है और जब रैकी करने के बाद गाड़ी कोचिन्हित कर लेते हैं, तब मौका देखकर मैं,हाकिम वइस्माईल मौके पर पहुंचकर इलेक्ट्रोनिक डिवाइस (टैब) के माध्यम से नकली चाबी बना लेते हैं और फिर गाड़ी चोरी करके कुछ दूर जाने के बाद उसकी नम्बर प्लेट चेन्ज कर देते हैं और जीपीएस काम ना करे उसके लिए जैमर लगा देते है और बाद मे चैक करके उसको निकालकर फेक देते हैं।फिर चोरी की गाड़ी को अपने छुपाने के स्थानों पर ले जाकर खड़ी कर देते हैं और कुछ समय बाद गाडी की डिमाण्ड करने वाले साथी को बेच देते है और वो आगे पार्टी को बेच देते है अगर हमे भी कोई पार्टी सीधा मिलती है तो उसको उसकी डिमाण्ड के अनुसार गाडी चोरी करके बेच देते है। गाडी चोरी करके बेचने में जो पैसा मिलता है उसको मै, हाकिम व ईस्माईल आपस में बराबर बांट लेते है और उसी पैसे से हम अपने शौक पूरे करते है व अपने घर का खर्चा चलाते है,हम लोग यह काम कईवर्षों से कर रहे हैं।अभियुक्तगणों ने पूछताछ पर यह भी बताया कि जब हम गाड़ी चुराने आते थे तो उस समय पहचान छुपाने के लिए अपनी गाड़ी की नम्बर प्लेट बदलकर-बदलकर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर पहले से तयशुदा स्थान पर इकठ्ठा हो जाते थे और मोबाइलों को फ्लाइट मोड़ पर कर लेते थे।हम लोग आपस में व्हाट्स-एप पर ही मैसेज व कॉल करते थे, आपस में नोर्मल कॉल करने से बचते हैं। अभियुक्तगण काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं जिनके द्वारा आस-पास के राज्यों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया गया है । अभियुक्तगण पूर्व में भी कई बार वाहन चोरी में जेल जा चुके हैं। अभियुक्तों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य अभियुक्तों व चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वालों की गिरफ्तारी व बरामदगी हेतु टीम बनाकर कार्यवाही की जा रही है।
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