स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षक की गिरफ्तारी के विरोध में शहर के स्कूल 8 अगस्त को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे इंडीपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया गाजियाबाद के आहवान पर शहर के सभी स्कूल 8 अगस्त को बंद रहेंगेबिना किसी जांच के स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षक की गिरफ्तारी गलतः डॉ सुभाष जैन

स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षक की गिरफ्तारी के विरोध में शहर के स्कूल 8 अगस्त को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे 
इंडीपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया गाजियाबाद के आहवान पर शहर के सभी स्कूल 8 अगस्त को बंद रहेंगे
बिना किसी जांच के स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षक की गिरफ्तारी गलतः डॉ सुभाष जैन
हलचल इंडिया लाइव न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
गाजियाबादः 
आजमगढ़ के स्कूल में हुई दुर्घटना व उसके कारण स्कूल के प्रिंसिपल व शिक्षक की गिरफ्तारी से शहर के स्कूलों के संचालकों व शिक्षकों में रोष है। अपना रोष व्यक्त करने व घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शहर के सभी स्कूल इंडीपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया गाजियाबाद के आहवान पर मंगलवार 8 अगस्त को बंद रहेंगे। इस पर भी मांग पूरी नहीं हुई तो उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों के संचालक व शिक्षक एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। संस्था के अध्यक्ष डॉ सुभाष जैन व सचिव गुलशन कुमार भाम्बरी ने बताया कि आजमगढ़ के स्कूल में छात्रा द्वारा फोन लाने पर प्रिंसिपल ने टोका तो उसने विद्यालय की बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी। छात्रा के अभिभावकों की शिकायत पर पुलिस ने बिना जांच के ही स्कूल की प्रिंसिपल व शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। सभी स्कूल सदस्यों की सहानुभूति छात्रा के परिजनों के साथ है, मगर बिना किसी निष्पक्ष जांच के ही प्रिंसिपल व शिक्षक को गिरफ्तार किए जाने से उनमें रोष भी है। पहले भी इस प्रकार की घटनाएं होती रही हैं, जिसमें सम्पूर्ण दोषारोपण स्कूल पर ही डालते हुए इस प्रकार की कार्रवाई की गई। इस सबसे सभी स्कूल सदस्यों व शिक्षकों में रोष है। घटना का मुख्य कारण मोबाइल फोन था, जो स्कूल ने नहीं दिया था, बल्कि उसके अभिभावकों ने दिया था जबकि स्कूल में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं है। डॉ सुभाष जैन व गुलशन कुमार भाम्बरी ने कहा कि प्रिंसिपल ने स्कूल में मोबाइल फोन लाने पर प्रतिबंध होने के कारण ही छात्रा को टोका था। ऐसे में उनकी या शिक्षक की कोई गलती नहीं थी, इसके बावजूद पुलिस ने बिना कोई जांच किए ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकार की घटनाओं से यह स्थिति हो गई है कि स्कूल संचालक व शिक्षक छात्र-छात्राओं को कुछ भी कहने से डरने लगे हैं। स्कूल में बच्चों को नैतिकता व बडों का सम्मान करने की शिक्षा दी जाती है, मगर जब इस प्रकार की घटनाएं होंगी तो बच्चों में ना नैतिकता रहेगी और ना ही बडों के प्रति सम्मान रहेगा। ऐसे में उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक कैसे बनाया जा सकेगा। ऐसी घटनाएं होंगी तो शिक्षक बच्चों की बडी से बडी गलती पर भी टोकने से डरेंगे। इससे बच्चों के भटकने व गलत मार्ग चुनने का खतरा भी रहेगा। डॉ सुभाष जैन व गुलशन कुमार भाम्बरी ने कहा कि स्कूलों के पुलिस द्वारा बिना निष्पक्ष जांच के ही प्रिंसिपल व शिक्षक को गिरफ्तार कर लेना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है। इसके विरोध में अपना रोष व्यक्त करने के लिए ही मंगलवार 8 अगस्त को शहर के सभी स्कूल बंद रहेंगे। स्कूलों की एक दिन की सांकेतिक हडताल के बाद भी यदि शासन-प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो गाजियाबाद समेत उत्तर प्रदेश के सभी स्कूल एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे ताकि भविष्य में यदि किसी स्कूल में ऐसी घटना हो तो बिना किसी निष्पक्ष जांच के स्कूल प्रबंधक व शिक्षकों को गिरफ्तार ना किया जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके।

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