प्राकट्य दिवस पर 569 दीपकों से जगमगा उठा श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर
प्राकट्य दिवस पर 569 दीपकों से जगमगा उठा श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर
श्रीमहंत नारायण गिरि के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया मंदिर का प्राकट्य दिवस
गाजियाबादः
ब्रह्मा जी के कमंडलु से उत्पन्न हरनन्दी के तट पर स्थित श्रीपंचदशनाम जूना अखाडा की महन्त परम्परागत प्राचीन मठ ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ जी के उपज्योतिर्लिंग व महर्षि विश्वेश्रवा द्वारा पूजित स्वयंभू भगवान दूधेश्वर का प्राकट्य दिवस धूमधाम व श्रद्धाभाव से मनाया गया।
श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूनाइटिड हिंदू फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के सानिध्य में प्रातःकाल भगवान दूधेश्वर का ब्रह्म मुहुर्त में पंचामृत पंचगव्य दुग्ध सहित विभिन्न फलों के रसों से अभिषेक किया गया। विभिन्न प्रकार के पुष्पों से श्रृंगार हुआ। 56 प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद भगवान दूधेश्वर को अर्पित किया गया।
भगवान दूधेश्वर का प्रातःकाल श्रृंगार आलौकिक रूद्राक्ष शिवलिंग रूप मे हुआ। श्रृंगार मोहित व स्वयंसेवकों ने किया, जिसके बाद धूप आरती व दीप आरती हुई। सायंकाल 4.30 बजे भगवान दूधेश्वर का श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज, मन्दिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग व उपाध्यक्ष अनुज गर्ग द्वारा रूद्राभिषेक किया गया। अलौकिक श्रृंगार विजय मित्तल अध्यक्ष श्रृंगार सेवा समिति द्वारा किया गया। प्रथम भोग प्रसाद 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग धर्मपाल गर्ग की ओर भगवान दूधेश्वर को अर्पित किया गया।
सायंकाल 5.30 बजे भगवान दूधेश्वर को 569 घी के दीपक प्रज्वलित करके दीपदान किया गया जिससे पूरा मंदिर दिव्य व आलोकिक रूप से जगमगा उठा। मन्दिर परिसर को रंग बिरंगी लाइटों, विभिन्न पुष्पों एवं गुब्बारों से सजाया गया। भगवान दूधेश्वर के प्राकट्य उत्सव पर भगवान की पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। विभिन्न शहरों से आकर भक्तों ने भगवान की पूजा-अर्चना की।
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