शिवशक्ति धाम डासना में सनातन धर्म की रक्षा हेतु मानव इतिहास का सबसे बड़ा महायज्ञ कार्तिक पूर्णिमा से होगा


शिवशक्ति धाम डासना में सनातन धर्म की रक्षा हेतु मानव इतिहास का सबसे बड़ा महायज्ञ कार्तिक पूर्णिमा से होगा

सनातन धर्म व सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिये सात्विक दैवीय ऊर्जा का जागरण अतिआवश्यक- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

शिवशक्ति धाम डासना में 27 वर्ष तक चलेगा माँ बगलामुखी,माँ चण्डी और महादेव का महायज्ञ

सम्पूर्ण विश्व में अलग अलग स्थानों पर समय समय पर आयोजित होगा यह महायज्ञ
हलचल इंडिया लाइव न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट

गाजियाबाद:- इस्लाम के जिहादियों के विकट खतरे को सिरे से नकारते हुए शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाडे के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के विनाश के लिये मानव इतिहास का सबसे बड़ा महायज्ञ आयोजित करने का संकल्प लिया।
यह महायज्ञ देवाधिदेव भगवान महादेव शिव व जगद्जननी माँ जगदम्बा की कृपा से इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा 27 नवम्बर 2023 से प्रारंभ होकर 27 वर्ष तक चलेगा।महायज्ञ में प्रतिदिन सर्वप्रथम रुद्राभिषेक, उसके उपरांत सम्पूर्ण चण्डी पाठ पर हवनात्मक यज्ञ और रात्रि में माँ बगलामुखी महायज्ञ किया जाएगा।यह महायज्ञ शिवशक्ति धाम डासना के साथ ही सम्पूर्ण विश्व मे अलग अलग स्थानों पर समय समय पर आयोजित किया जायेगा।
महायज्ञ के विषय में बताते हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में सनातन धर्म व सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिए सात्विक दैवीय ऊर्जा का जागरण अति आवश्यक है।देवाधिदेव भगवान महादेव शिव के साथ माँ बगलामुखी और महाचंडी योद्धाओं को सद्बुद्धि व शक्ति प्रदान करने वाली सम्पूर्ण विश्व की सबसे प्रमुख आध्यात्मिक शक्ति हैं।उनकी कृपा बिना हम सनातनियों का उद्धार नही हो सकता।अब हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है।हमारे सभी अजेय धर्मयोद्धा जैसे भगवान श्रीराम, योगेश्वर श्रीकृष्ण, भगवान परशुराम आदि ने इन्हीं की कृपा से अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त की थी।हमें भी विजय के लिये इनका ही अनुसरण करना पड़ेगा।
उन्होंने सम्पूर्ण विश्व के सभी हिन्दुओ से इस महायज्ञ में भाग लेने और यथासंभव दान सहिय सहयोग करने का आह्वान किया।

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