26 नवम्बर को मनाया जायेगा संविधान दिवस: जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह



शीत लहर से बचाव की तैयारियों के सम्बंध में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में बैठक आहुत

शीतलहर, कोहरे व ठण्ड के प्रकोप से ना होने पाए कोई अप्रिय घटना: जिलाधिकारी

26 नवम्बर को मनाया जायेगा संविधान दिवस: जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह
हलचल इंडिया लाइव न्यूज़ 
रिपोर्ट:- विकास कुमार 

*गाजियाबाद।* महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में शीत लहर से बचाव की तैयारियों के सम्बंध में जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में बैठक आहुत हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा तीनों तहसीलों सदर, लोनी और मोदीनगर के एसडीएम'स एवं नगर निगम गाजियाबाद से नगरायुक्त प्रतिनिधि, नगर पालिकाएं—मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, खोड़ा—मकनपुर, नगर पंचायतें— पतला, निवाड़ी, फरीदनगर, डासना के ईओ/सचिव को निर्देशित किया कि जन सामान्य को शीत लहर से बचाने के लिए रैन बसेरों की व्यस्थाओं का जायजा लेते हुए यदि कोई कमी हो तो उसमें सुधार किया जाये। चिन्हित जगहों सहित मुख्य चौराहों जहां आमजन हो या जहां आवश्यकता हो ऐसी जगहों पर अलाव की व्यवस्था की जाऐं। नियमानुसार पात्र लोगों को कम्बल वितरीत किये जायें। माननीय मुख्यमंत्री जी के मंशानुरूप शीत लहर के दौरान किसी भी प्राणी को ठंड इत्यादि से सम्बंधित कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी महोदय ने विभागवार मुख्य चिकित्साधिकारी-शीतजनित रोग से निपटने हेतु अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं व्यवस्था। अस्पतालों में रैन बसेरे की व्यवस्था की जाती है, जहाँ मरीजों के परिजन व अन्य लोग रह सकते है। रैन बसेरो में गद्दा, कम्बल, स्वच्छ पेयजल, शौंचालय एंव अलाव इत्यादि की व्यवस्था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी-शीतजनित रोग से निपटने हेतु पशु अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं / टीका की व्यवस्था। गौशालों में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त उपाय किया जाना है। हरा चारा, गुड़ आदि का विवरण / व्यवस्था किया जाना। जिला गन्ना अधिकारी- अत्यधिक ठंड की स्थिति में चीनी मिलों के गेटों पर अलाव जलाये जाने की व्यवस्था, कोहरे के दृष्टिगत् रिफ्लेक्टर / रेडियम पट्टी आदि की व्यवस्था करना। जिला विद्यालय निरीक्षक / जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी- अत्यधिक ठंण्ड व शीतलहर में बेसिक स्कूलों को बन्द करना पड़ सकता है तथा कई स्कूलों को सेल्टर होम के रूप में उपयोग किया जा सकता है। स्कूलों में भी अलाव की व्यवस्था के तहत अध्ययन कार्य जारी रखा जा सकता है। विद्यालयों में ड्रेस कोड लागू किया जाना। जिला अग्निशमन अधिकारी-अत्यधिक ठन्ड व शीतलहर में अग्निकांड की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है जिसके लिए पर्याप्त तैयारी। जिला सूचना अधिकारी-सार्वजनिक चिन्हित स्थानों पर जलाये जाने वाले अलाव का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही उन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाय तथा स्थानीय समाचार पत्रों तथा मीडिया में भी इससे सम्बन्धित सूचनाएं प्रसारित करायी जाय ताकि शासन द्वारा जन सामान्य को ठन्ड से बचाव हेतु किये जा रहे व्यापक उपायों की जानकारी हो सके। स्वयंसेवी संस्था- ठण्ड व शीतलहरी से जन सामान्य को बचाने हेतु सरकारी प्रयासों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग अपेक्षित है। उनके द्वारा प्रभावित लोगो को गर्म वस्त्र, कम्बल आदि वितरित किये जाते है तथा अलाव भी जलवाये जाते है। सम्भागीय परिवहन अधिकारी-जनपद की सीमा के अर्न्तगत मुख्य मार्गों एंव विशेषकर दुघर्टनाबाहुल्य क्षेत्रों में सफेद, थर्मोप्लास्टिक पेन्ट द्वारा पट्टियों को दर्शाने, रिफलेक्टर, सोलरकैट साईन एवं डेलिवेटर लगाये जाने का कार्य तथा ग्रामीण एव शहरी क्षेत्रों में कृषि कार्यों में उपयोग में आने वाली ट्रैक्टर ट्रालियों के पीछे रेडियम की पीली पट्टी हो जिससे कि कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके।, हेतु निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में अत्यधिक ठंड एवं शीत लहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा आश्रयहीन व्यक्तियों के लिए रैन बेसरों / शेल्टर होम नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए है, ताकि कोई भी व्यक्ति रात में सड़क या फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हो। उन्होंने बताया कि इन रैन बसेरों/शेल्टर होम में रुकने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को ठंड से बचने के लिए आवश्यक समस्त उपाय जैसे गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं किचन आदि का प्रबंध निशुल्क एवं रैन बसेरों के आसपास अलाव जलाने की व्यवस्था की जाएगी। हर चौराहा का निरीक्षण किया जाए कोई भी व्यक्ति रोड पर सोता हुआ ना मिले, हर व्यक्ति को रेन बसेरा और कंबल की व्यवस्था की जाए। साथ ही गरीब लोगों को चिन्हित कराके उनके लिए कंबल की व्यवस्था की जाए। गौवंशों सहित अन्य पशुओं को ठंड से बचाव हेतु उचित प्रबंध किये जायें। चौराहों एवं सार्वजनिक जगहों पर अलाव के लिए बड़ी लकड़ी का प्रबंध किया जाए जिससे कि उनमें देर तक अग्नि की ताप रह सके। कहा कि शीतरोगों के प्रति स्वास्थ्य विभाग लोगों में जागरूकता लाऐं और बचाव के लिए सुझाव का व्यापक प्रचार प्रसार करें। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभियान के तहत वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगवाएं। कोई भी विद्यालय बिना अनुमति के ना खोले जाएं। सभी अधिकारी शीत लहर के चलते अपने—अपने कार्य क्षेत्र का निरीक्षण व जांच करते रहे। किसी भी प्रकार से शीतलहर, कोहरे, ठण्ड के प्रकोप से कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटनी चाहिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जायेगा। शासनादेश के मद्देनज़र विभागाध्यक्ष कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
बैठक में एडीएम ई श्री रणविजय सिंह, एडीएम एफ/आर श्री सौरभ भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ.सन्तोष कुमार उपाध्याय, एसडीएम सदर श्री अरूण दीक्षित, एसडीएम श्री चन्द्रेश कुमार सिंह, एसडीएम श्री राजेन्द्र कुमार, डॉ.रविन्द्र, डॉ.मिथलेश नगर निगम, सभी नगर निकायों के ​अधिकारी सहित सम्बंधित विभाग के विभागाध्यक्ष व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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